पटना, 12 नवंबर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल्स ने एनडीए खेमे में उत्साह बढ़ा दिया है।
ज्यादातर सर्वे में एनडीए को बहुमत का अनुमान लगाया गया है। महागठबंधन इस बार पिछड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
जैसे ही नतीजे आए, एनडीए कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। पटना से लेकर जिला मुख्यालयों तक ढोल-नगाड़ों की थाप गूंज उठी। भाजपा कार्यालय में मिठाइयां बांटी गईं।
साथ ही, कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए—“फिर एक बार नीतीश सरकार।”
नीतीश कुमार का बयान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ये नतीजे जनता के भरोसे को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “बिहार ने हमेशा विकास और स्थिरता को प्राथमिकता दी है।” इसके अलावा उन्होंने जोड़ा, “जनता ने फिर सुशासन पर भरोसा जताया है।”
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता, ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य ने मिलकर काम किया है।” उन्होंने आगे कहा, “जनता के फैसले में यही विकास झलकता है।”
इसी तरह, जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एग्जिट पोल बताते हैं कि जनता ने जातिवाद को नकार दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाताओं ने सकारात्मक राजनीति को चुना है।
महागठबंधन ने खारिज किए नतीजे
महागठबंधन ने एग्जिट पोल्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया। राजद प्रवक्ता ने कहा, “एग्जिट पोल हमेशा सत्तारूढ़ दलों के पक्ष में झुकते हैं।” उन्होंने जोड़ा, “जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है। असली तस्वीर काउंटिंग के दिन सामने आएगी।”
विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अगर ये रुझान सही साबित हुए तो नीतीश कुमार फिर सत्ता में लौट सकते हैं।
इसके परिणामस्वरूप एनडीए की स्थिति बिहार में और मजबूत हो जाएगी। साथ ही, यह 2029 लोकसभा चुनावों की रणनीति को भी प्रभावित करेगा।

