लाल किला विस्फोट की रात भवानी शर्मा के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी। सोमवार शाम वह अपनी टैक्सी में बैठे थे। तभी एक फोन कॉल आया। वे गाड़ी से उतरकर बात करने लगे और कुछ कदम आगे चले गए।
इसी दौरान जोरदार धमाका हुआ। जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, तो उनकी टैक्सी जल रही थी। कार के टुकड़े सड़कों पर बिखर चुके थे। अगर वह फोन पर बात करने न निकलते, तो शायद आज जीवित न होते।
भवानी घायल, मगर खतरे से बाहर
विस्फोट में भवानी घायल हो गए। हालांकि, उनकी हालत अब खतरे से बाहर है। उन्हें तुरंत लोकनायक अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में ही उन्होंने परिवार को फोन किया और बताया कि वे ज़िंदा हैं।
वहीं, अस्पताल के बाहर उनके परिजन चिंता में डूबे थे। आखिरकार जब वीडियो कॉल पर भवानी से बात हुई, तो सबकी आंखों में राहत दिखी।
लाल किला विस्फोट में कई परिवारों पर टूटा संकट
भवानी के भाई विष्णु शर्मा ने बताया कि दोनों भाई टैक्सी चलाते हैं। उन्होंने कहा, “भाई की गाड़ी पूरी तरह जल गई है।”
उन्होंने जोड़ा कि टैक्सी कर्ज लेकर खरीदी थी। अब लोन कैसे चुकाएं, यही सबसे बड़ी चिंता है। इसी तरह, दरियागंज के शाहनवाज भी इस लाल किला विस्फोट में घायल हुए।
उनकी पत्नी बुसरा खान अपने पांच साल के बेटे के साथ अस्पताल के बाहर खड़ी थीं। उन्होंने कहा, “टैक्सी जल गई है, अब घर कैसे चलेगा?”
रिक्शा चालक आजाद आलम भी हुआ घायल
इसी दौरान, शास्त्री पार्क के आजाद आलम अपनी बैटरी रिक्शा से सवारियां लेकर कश्मीरी गेट जा रहे थे। अचानक धमाका हुआ और उन्हें कुछ समझ नहीं आया। जब होश आया, तो वह एंबुलेंस में थे। किसी ने उनके परिवार को फोन कर खबर दी।
मंदिर दर्शन के दौरान घायल हुआ अंकुश
रोहतास नगर के अंकुश शर्मा अपने रिश्तेदार के साथ गौरीशंकर मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। उनका रिश्तेदार विशाल शर्मा थोड़ा पहले निकल गया।
रास्ते में ही अंकुश का फोन आया। उन्होंने बताया कि लाल किला के सामने विस्फोट हुआ है और उन्हें चोट लगी है। परिवार तुरंत अस्पताल पहुंचा।
सीसीटीवी खरीदने पहुंचे विनय भी विस्फोट की चपेट में
गुड़गांव में सीसीटीवी का काम करने वाले विनय कुमार पाठक उस दिन लाल किले पर कैमरे खरीदने आए थे। दुर्भाग्य से विस्फोट की चपेट में वे भी आ गए। उनके परिवार को देर रात तक कोई खबर नहीं मिली, जिससे सब बेहद चिंतित रहे।
निष्कर्ष
यह लाल किला विस्फोट सिर्फ एक घटना नहीं बल्कि कई परिवारों के सपनों को तोड़ देने वाली त्रासदी बन गया है। भवानी जैसे लोगों की जान भले बच गई हो, पर उनकी रोज़ी-रोटी अब संकट में है। सरकार और प्रशासन से उम्मीद है कि सभी पीड़ितों की मदद जल्द से जल्द की जाएगी।
